22 दिसंबर 2018 - 15:38
परमाणु समझौते के क्रियान्वयन का पक्का इरादा रखते हैं" रूस

रूसी उपविदेश मंत्री का वक्तव्य इस बात का सूचक है कि ईरान और रूस के स्ट्रैटेजिक संबंधों का प्रभावी होना स्पष्ट हो गया है और आतंकवाद से मुकाबले में ईरान और रूस सीरिया में जो एक दूसरे से सहकारिता कर रहे हैं वह इस बात की सूचक है कि दोनों देश एक दूसरे के लिए विश्वसनीय भागीदार हैं और दोनों देशों के मध्य सहकारिता क्षेत्र के समस्त देशों के हित में है।

ईरान के उपविदेशमंत्री सैयद अब्बास इराक़ची और रूस में ईरानी राजदूत मेहदी सनाई ने रूस के उपविदेशमंत्री से क्षेत्रीय, द्विपक्षीय, और अंतरराष्ट्रीय विषयों के बारे में विचारों का आदान- प्रदान किया।

रूस के उप विदेशमंत्री सरगेई रियाबकोफ़ ने इस भेंट में कहा कि यह वार्ताएं न केवल दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं बल्कि यह क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में ईरान और रूस के पास ध्यान योग्य संभावनाएं हैं और दोनों देशों के अधिकारियों ने इन्हीं संभावनाओं पर बल दिया और कहा है कि दोनों देशों के संबंध और अधिक विस्तृत व प्रगाढ़ हो सकते हैं।

क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों में ईरान और रूस के समान दृष्टिकोण हैं।

अभी कुछ दिन पहले चीन में ईरान और रूस के राष्ट्रपतियों ने शंघाई सहकारिता संगठन की बैठक के अवसर पर एक दूसरे से मुलाकात की थी और उस भेंट में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन ने बल देकर कहा था कि सीरिया संकट के समाधान सहित क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा की मज़बूती की दिशा में ईरान और रूस की सहकारिता जारी रहेगी।

रूसी मामलों के विशेषज्ञ डाक्टर अब्दुर्रसूल दीवसालार का मानना है कि क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा में वृद्धि और चुनौती खड़ी करने वाली अमेरिकी नीतियों ने ईरान और रूस के द्विपक्षीय संबंधों को और महत्वपूर्ण बना दिया है। इसी परिप्रेक्ष्य में रूस के उप विदेशमंत्री रियाबकोफ़ ने अपने ईरानी समकक्ष से भेंट में बल देकर कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के एकपक्षीय प्रतिबंधों को रोकने की दिशा में हम प्रयास कर रहे हैं और परमाणु समझौते के क्रियान्वयन का हम पक्का इरादा रखते हैं।

रूसी उपविदेश मंत्री का यह वक्तव्य इस बात का सूचक है कि ईरान और रूस के स्ट्रैटेजिक संबंधों का प्रभावी होना स्पष्ट हो गया है और आतंकवाद से मुकाबले में ईरान और रूस सीरिया में जो एक दूसरे से सहकारिता कर रहे हैं वह इस बात की सूचक है कि दोनों देश एक दूसरे के लिए विश्वसनीय भागीदार हैं और दोनों देशों के मध्य सहकारिता क्षेत्र के समस्त देशों के हित में है।

ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी के उस बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने अभी अपनी तुर्की यात्रा के दौरान कहा था कि ईरान, तुर्की और रूस एक दूसरे से घनिष्ठ व निकट सहकारिता कर रहे हैं और हमने इस सहकारिता को जारी रखने का फैसला किया है।

इसी प्रकार राष्ट्रपति ने कहा है कि हमारा मानना है कि ज़ोरज़बरदस्ती का समय बीत चुका है और क्षेत्रीय राष्ट्र अपने हितों के आधार पर फैसला करेंगे।